Sunday, December 29, 2019
आरक्षण का आधार काम है या जाति
उत्तराखंड के मुख्य सचिव सुभाष कुमार जी, जो फर्जी जाति प्रमाण पत्र से नौकरी पाए हैं, जब गढ़वाल के मंडलायुक्त थे तब इन्होने एक पत्र प्रमुख सचिव समाज कल्याण उत्तराखंड को लिखा था और उसमे लिखा था कि बढ़ई, ताम्रकार (टमटा), लुहार, सुनार, आदि जातिया चूंकि शिल्प का काम करती हैं इसलिए उन्हें शिल्पकार माना जाए, सवाल ये उठता है कि क्या किसी को मात्र काम के आधार पर आरक्षण दिया जा सकता है कल सुभाष कुमार जी कहेंगे कि ब्राह्मण धोभी का काम करता है या मोची का काम करता है तो उसको आरक्षण दिया जाए. सवाल ये उठता है आरक्षण का आधार काम है या जाति?
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