न्याय विभाग ने उत्तराखंड में 47 उपजातियों को SC के दर्जे में रखने पर आपत्ति जताई

देहरादून । उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के सामने एक दुविधा आ गई है। असल में सरकार के सामने एससी वर्ग की शिल्पकार उपजातियों को लेकर पशोपेश की स्थिति में है। सरकार के न्याय विभाग ने एससी वर्ग की 47 उपजातियों को SC के दर्जे में रखे जाने को लेकर आपत्ति जताई है। विभाग इन उपजातियों को SC दर्जे में रखे जाने को उचित नहीं मानता है। ऐसे में विभाग ने सरकार को इन जातियों को लेकर जारी अधिसूचना निरस्त करने की सलाह दी है, लेकन सरकार को शंका है कि ऐसा करने की सूरत में विवाद खड़ा हो सकता है।
असल में समाज कल्याण विभाग के सामने ये उलझन है कि वह ऐसी स्थिति में क्या करे। न्याय विभाग ने इन उपजातियों को SC दर्जे में रखे जाने को गलत ठहराया है, लेकिन इन उपजातियों की अधिसूचना निरस्त की जाती है तो राज्य में एक नया विवाद खड़ा होने की आशंका है। अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण डॉ. रणवीस सिंह का इस मुद्दे पर कहना है कि न्याय विभाग ने जो सुझाव दिया है अभी उस पर अध्ययन किया जा रहा है। देखा जा रहा है कि आखिर किन बिन्दुओं पर ध्यान दिया गया है और किन पर नहीं। जल्द ही इस मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा।
ये भी पढ़ें - पूर्व निर्धारित स्थल पर ही बनाया जाएगा एनआईटी, राज्य में सस्ती दवाओं के लिए खुलेंगे जन औषधि केंद्र- त्रिवेंद्र सिंह
बता दें कि कांग्रेस की हरीश रावत सरकार ने SC की 40 से ज्यादा उपजातियों को शिल्पकार की उपजाति मानते हुए अधिसूचना जारी कर दी थी। हालांकि इसका एक वर्ग ने विरोध किया था। अब सरकार इस मुद्दे को लेकर दोराहे पर खड़ी नजर आ रही है। अगर वह न्यान विभाग की राय को अनदेखा करती है तो सवाल उठेंगे और अगर राय पर विचार करते हुए अधिसूचना निरस्त कर देती है तो हंगामा होना तय है।

देहरादून । उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के सामने एक दुविधा आ गई है। असल में सरकार के सामने एससी वर्ग की शिल्पकार उपजातियों को लेकर पशोपेश की स्थिति में है। सरकार के न्याय विभाग ने एससी वर्ग की 47 उपजातियों को SC के दर्जे में रखे जाने को लेकर आपत्ति जताई है। विभाग इन उपजातियों को SC दर्जे में रखे जाने को उचित नहीं मानता है। ऐसे में विभाग ने सरकार को इन जातियों को लेकर जारी अधिसूचना निरस्त करने की सलाह दी है, लेकन सरकार को शंका है कि ऐसा करने की सूरत में विवाद खड़ा हो सकता है।
असल में समाज कल्याण विभाग के सामने ये उलझन है कि वह ऐसी स्थिति में क्या करे। न्याय विभाग ने इन उपजातियों को SC दर्जे में रखे जाने को गलत ठहराया है, लेकिन इन उपजातियों की अधिसूचना निरस्त की जाती है तो राज्य में एक नया विवाद खड़ा होने की आशंका है। अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण डॉ. रणवीस सिंह का इस मुद्दे पर कहना है कि न्याय विभाग ने जो सुझाव दिया है अभी उस पर अध्ययन किया जा रहा है। देखा जा रहा है कि आखिर किन बिन्दुओं पर ध्यान दिया गया है और किन पर नहीं। जल्द ही इस मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा।
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बता दें कि कांग्रेस की हरीश रावत सरकार ने SC की 40 से ज्यादा उपजातियों को शिल्पकार की उपजाति मानते हुए अधिसूचना जारी कर दी थी। हालांकि इसका एक वर्ग ने विरोध किया था। अब सरकार इस मुद्दे को लेकर दोराहे पर खड़ी नजर आ रही है। अगर वह न्यान विभाग की राय को अनदेखा करती है तो सवाल उठेंगे और अगर राय पर विचार करते हुए अधिसूचना निरस्त कर देती है तो हंगामा होना तय है।
http://www.angwaal.com/uttrakhandnews/objection-to-47-sub-castes-status-of-sc-in-uttarakhand-21692
न्याय विभाग ने उत्तराखंड में 47 उपजातियों को SC के दर्जे में रखने पर आपत्ति जताई

देहरादून । उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के सामने एक दुविधा आ गई है। असल में सरकार के सामने एससी वर्ग की शिल्पकार उपजातियों को लेकर पशोपेश की स्थिति में है। सरकार के न्याय विभाग ने एससी वर्ग की 47 उपजातियों को SC के दर्जे में रखे जाने को लेकर आपत्ति जताई है। विभाग इन उपजातियों को SC दर्जे में रखे जाने को उचित नहीं मानता है। ऐसे में विभाग ने सरकार को इन जातियों को लेकर जारी अधिसूचना निरस्त करने की सलाह दी है, लेकन सरकार को शंका है कि ऐसा करने की सूरत में विवाद खड़ा हो सकता है।
असल में समाज कल्याण विभाग के सामने ये उलझन है कि वह ऐसी स्थिति में क्या करे। न्याय विभाग ने इन उपजातियों को SC दर्जे में रखे जाने को गलत ठहराया है, लेकिन इन उपजातियों की अधिसूचना निरस्त की जाती है तो राज्य में एक नया विवाद खड़ा होने की आशंका है। अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण डॉ. रणवीस सिंह का इस मुद्दे पर कहना है कि न्याय विभाग ने जो सुझाव दिया है अभी उस पर अध्ययन किया जा रहा है। देखा जा रहा है कि आखिर किन बिन्दुओं पर ध्यान दिया गया है और किन पर नहीं। जल्द ही इस मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा।
देहरादून । उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के सामने एक दुविधा आ गई है। असल में सरकार के सामने एससी वर्ग की शिल्पकार उपजातियों को लेकर पशोपेश की स्थिति में है। सरकार के न्याय विभाग ने एससी वर्ग की 47 उपजातियों को SC के दर्जे में रखे जाने को लेकर आपत्ति जताई है। विभाग इन उपजातियों को SC दर्जे में रखे जाने को उचित नहीं मानता है। ऐसे में विभाग ने सरकार को इन जातियों को लेकर जारी अधिसूचना निरस्त करने की सलाह दी है, लेकन सरकार को शंका है कि ऐसा करने की सूरत में विवाद खड़ा हो सकता है।
असल में समाज कल्याण विभाग के सामने ये उलझन है कि वह ऐसी स्थिति में क्या करे। न्याय विभाग ने इन उपजातियों को SC दर्जे में रखे जाने को गलत ठहराया है, लेकिन इन उपजातियों की अधिसूचना निरस्त की जाती है तो राज्य में एक नया विवाद खड़ा होने की आशंका है। अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण डॉ. रणवीस सिंह का इस मुद्दे पर कहना है कि न्याय विभाग ने जो सुझाव दिया है अभी उस पर अध्ययन किया जा रहा है। देखा जा रहा है कि आखिर किन बिन्दुओं पर ध्यान दिया गया है और किन पर नहीं। जल्द ही इस मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा।
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