भारत सरकार क्या कहती है उत्तराखंड के शिल्पकारो के बारे मे देखिये इस पत्र में, पात्र कह्त्र है की उत्तराखंड के सन्दर्भ में लोहार, सुनार, बढ़ई, और ताम्रकार (टमटा)जातियां अनुसूचित जाती में नहीं आती हैं , इससे स्पष्ट होता है कि इन जातियों को फर्जी तरीके से शिल्पकार का आरक्षण दिया जा रहा है जो गलत है
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