Sunday, December 29, 2019
उत्तर प्रदेश सरकार में तत्कालीन सचिव कालिका प्रसाद ने १४ जून १९९६ को कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के आयुक्तों और जिलाधिकारियों को आदेश किया था कि उत्तराखंड क्षेत्र के पिछड़े वर्गों कि सूची में लोहार, सोनार, बढ़ई, आदि जातियों को पिछड़ी जाती का प्रमाण पत्र दिया जाए
उत्तर प्रदेश सरकार में तत्कालीन सचिव कालिका प्रसाद ने १४ जून १९९६ को कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के आयुक्तों और जिलाधिकारियों को आदेश किया था कि उत्तराखंड क्षेत्र के पिछड़े वर्गों कि सूची में लोहार, सोनार, बढ़ई, आदि जातियों को पिछड़ी जाती का प्रमाण पत्र दिया जाए लेकिन आज भी इन जातियों को अनुसूचित जाती शिल्पकार का प्रमाण पत्र दिया जा रहा है और संविधान का मजाक बनाया जा रहा है
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